Important Rivers in India: जानिए भारत में बहने वाली प्रमुख नदियों के बारे में पूरी जानकारी

Important Rivers in India: जानिए भारत में बहने वाली प्रमुख नदियों के बारे में पूरी जानकारी

आज हम आपको भारत में बहने वाली प्रमुख नदियों( important rivers in India) से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों जैसे-उनकी लंबाई, उद्गम स्थल, सहायक नदियां, उनकी बहाव की दिशा, आदि सवालों का विस्तारपूर्वक हल इस लेख में शामिल किया है|

भारत में मुख्यता 4 नदी प्रणालियां हैं-उत्तरी भारत में सिंधु, मध्य भारत में गंगा, उत्तर पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र, प्रायद्वीपीय भारत में नर्मदा, कावेरी, महानदी जैसी नदियां विस्तृत नदी प्रणाली का निर्माण करती है|

List Rivers in India: भारत की प्रमुख नदियों की सूची-

गंगा नदी:

  • उद्गम स्थल-गंगा का उद्गम गंगोत्री के पास गोमुख हिमानी से हुआ है |
  • समुद्र तल से ऊंचाई- यह समुद्र तल से करीब 3900 मीटर की ऊंचाई पर है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-भारत में गंगा की लंबाई 2525 किलोमीटर है|

गंगा नदी के बारे में खास बिंदु:

  • गंगा वास्तव में अलकनंदा और भागीरथी का सम्मिलित नाम है|
  • अलकनंदा और भागीरथी नदी देवप्रयाग में मिलकर मुख्य धारा गंगा नदी का निर्माण करती है|
  • गंगा की प्रमुख सहायक नदियां-यमुना, गंडक, घाघरा , और कोसी नदियां है|
  • बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से गुजरती है|

सतलुज नदी:

  • उद्गम स्थल-सतलुज मानसरोवर झील के पास स्थित राकस ताल से उत्पन्न होती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-यह समुद्र तल से करीब 4,555 मीटर की ऊंचाई पर है|
  • संगम स्थल-चेनाब नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई- इसकी कुल लंबाई 1500 किलोमीटर है, तथा भारत में इसकी लंबाई 1050 किलोमीटर है|

सतलुज नदी के बारे में खास बिंदु:

  • शिवालिक पर्वत श्रृंखला से गुजरती हुई पंजाब में प्रवेश करती है, और चेनाब नदी में मिल जाती है |
  • लुधियाना और फिरोजपुर सतलुज के तट पर स्थित है |

सिंधु या इंडस नदी:

  • उद्गम स्थल-सिंधु नदी तिब्बत में मानसरोवर झील के पास सानोख्याबाब हिमनद से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-अरब सागर में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-कुल लंबाई 2880 किलोमीटर, भारत में इसकी लंबाई 1114 किलोमीटर है|

सिंधु नदी के बारे में खास बातें: 

  • सिंधु की सहायक नदियां सतलुज चेनाब,चेनाब ,रावी , व्यासऔर झेलम है |
  • हिमालय से निकलने वाली सिंधु नदी बह कर पाकिस्तान चली जाती है|
  • भारत और पाकिस्तान के बीच हुए करार के अनुसार सिंधु, झेलम और चेनाब का केवल 20 प्रतिशत पानी ही भारत इस्तेमाल कर सकता है|

रावी नदी:

  • उद्गम स्थल-रावी नदी कांगड़ा जिले के रोहतांग दर्रे के पास से निकलती है|
  • संगम स्थल-चिनाब नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 725 किलोमीटर है|

रावी नदी के बारे में खास बातें:

  • रावी नदी का पौराणिक तथा वैदिक नाम परुषनी या इरावती भी है |
  • पाकिस्तान में प्रवेश करने से पहले रावी पाकिस्तानी सीमा के साथ-साथ करीब 80 किलोमीटर तक बहती है|

व्यास नदी :

  • उद्गम स्थल-रोहतांग दर्रे के पास स्थित व्यास कुंड से निकलती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 4330 मीटर है |
  • संगम स्थल-सतलुज नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 470 किलोमीटर है|

व्यास नदी के बारे में खास बातें:

  • व्यास कुल्लू घाटी से बहती हुई धौलाधार पर्वत को पार कर पंजाब के मैदान में पहुंचती है|
  • व्यास नदी का पौराणिक नाम विपाशा या अर्जिकिया है |
  • देश में व्यास नदी जल विवाद काफी पुराना है, यह पंजाब और हरियाणा के बीच व्यास नदियों के अतिरिक्त पानी के बंटवारे को लेकर है | मुकदमा सालों से अदालतों में है|

झेलम नदी :

  • उद्गम स्थल-यह कश्मीर के बेरीनाग के पास शेषनाग झील से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-चिनाब नदी में मिलती है |
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 724 किलोमीटर है, भारत में 400 किलोमीटर इसकी लंबाई|

झेलम नदी के बारे में खास बातें:

  • श्रीनगर में झेलम में शिकारे चलाए जाते हैं|

यमुना नदी:

  • उद्गम स्थल-यमुना नदी बंदरपूंछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री हिमानी से उत्पन्न होती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-यमुना की समुद्र तल से ऊंचाई-6316 मीटर है|
  • संगम स्थल-प्रयाग इलाहाबाद में गंगा नदी में मिलती है |
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 1375 किलोमीटर है|

यमुना नदी के बारे में खास बातें:

  • सहायक नदियां-चंबल, बेतवा, केन, हिंडन, शारदा है |
  • गंगा की सबसे महत्वपूर्ण उपनदी यमुना है|
  • यमुना नदी 800 किलोमीटर तक गंगा के समानांतर यानी पैरेलल चलती है|

चम्बल नदी :

  • उद्गम स्थल-चंबल नदी मध्य प्रदेश में मऊ के पास स्थित जानापाव पहाड़ी से उत्पन्न होती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-इसकी ऊंचाई समुद्र तल से-616 मीटर है|
  • संगम स्थल-उत्तर प्रदेश के इटावा से 38 किलोमीटर दूर यमुना नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 1050 किलोमीटर है||

चंबल नदी के बारे में खास बातें:

  • यह देश के सबसे गहरे खड्डों का निर्माण करती है|
  • सहायक नदियां-काली सिंध , पार्वती,सिप्ता और बनास है |

रामगंगा नदी:

  • उद्गम स्थल-रामगंगा नदी नैनीताल के पास मुख्य हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग है |
  • संगम स्थल-कन्नौज के पास गंगा नदी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 696 किलोमीटर है|
  • सहायक नदी-खोन इसकी प्रमुख सहायक नदी है|

शारदा या काली गंगा:

  • उद्गम स्थल-कुमाऊं हिमालय का मिलाम हिमनद से निकलती है|
  • संगम स्थल-बहराम घाट के पास घाघरा नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई- 602 किलोमीटर
  • सहायक नदियां-सर्मा ,लिसार ,सरयू या पूर्वी रामगंगा,और चौकिया|

घाघरा नदी :

  • उद्गम स्थल-यह नदी नेपाल में तकलाकोट से 37 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में म्प्सातुंग हिमानी से निकलती है|
  • संगम स्थल-सारण और बलिया जिले की सीमा पर गंगा नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 1080 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-चौकिया और छोटी गंगा इसकी सहायक नदियां हैं|
  • शिवालिक को पार करते समय शीश पानी नाम का 108 मीटर गहरे खड्ड का निर्माण करती है|

गण्डक नदी:  

  • उद्गम स्थल-नेपाल
  • संगम स्थल-पटना के पास गंगा नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-भारत में इसकी कुल लंबाई 425 किलोमीटर है|

गण्डक नदी के बारे में खास बातें:

  • नेपाल में शालीमार और मैदानी भाग में नारायणी नाम से जानी जाती है|
  • सहायक नदियां-काली गण्डक और त्रिशूली गंगा है| इस नदी में मिलने वाले गोल-गोल पत्थरों को शालिग्राम कहा जाता है|

कोसी नदी :

  • उद्गम स्थल-गोसाईथान चोटी के उत्तर में
  • संगम स्थल-करागोल के दक्षिण पश्चिम में गंगा नदी में
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 730 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-यारु ,सूनकोसी ,तामूर कोसी,लीखू ,दूध कोसी ,भोटकोसी है |
  • इसकी मुख्य धारा अरुण नदी है|

सोन नदी : 

  • उद्गम स्थल-अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती है, इसका उद्गम नर्मदा नदी के पास से होता है|
  • संगम स्थल-पटना के पास गंगा नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 780 किलोमीटर है|

ब्रह्मपुत्र नदी:

  • उद्गम स्थल-तिब्बत में मानसरोवर झील से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हिमानी से निकलती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 5150 मीटर है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 2900 किलोमीटर है, भारत में लंबाई 916 किलोमीटर है|

ब्रह्मपुत्र के बारे में खास बातें:

  • इसे तिब्बत में सांग्पो और असम में दिहांग भी कहा जाता है|
  • सहायक नदियां-दिबोंग , लोहित,सेसरी ,नोवा ,दिहांग ,धनसीरो,तिस्ता ,जिंजराम आदि |

नर्मदा नदी: 

  • उद्गम स्थल-विंध्याचल पर्वत श्रेणी में स्थित अमरकंटक नाम के स्थान से निकलती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई- समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1057 मीटर है|
  • संगम स्थल-खंभात की खाड़ी में गिरती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 1312 किलोमीटर है|

नर्मदा नदी के बारे में खास बातें:

  • जबलपुर में भेड़ाघाट के पास कपिलधारा जलप्रपात का निर्माण करती है|
  • यह डेल्टा के बजाय एश्चुअरी बनाती है|

ताप्ती नदी:

  • उद्गम स्थल-मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से निकलती है|
  • संगम स्थल-सूरत के पास खंभात की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 724 किलोमीटर है|

ताप्ती के बारे में खास बातें:

  • किसकी सहायक नदी पूरणा नदी है,
  • यह डेल्टा के बजाय एश्चुअरी बनाती है|

महानदी:

  • उद्गम स्थल-छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सिहावा के पास से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 815 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-ब्राह्मणी और वैतरणी इसकी सहायक नदियां है|

 शिप्रा नदी:

  • उद्गम स्थल-मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की ककरी बरडी नामक पहाड़ी से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-चंबल नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 560 किलोमीटर है |
  • तटवर्ती शहर-इसके किनारे उज्जैन का विख्यात महाकालेश्वर मंदिर है , जहां हर 12 साल बाद कुंभ मेला लगता है|

माही नदी:

  • उद्गम स्थल-मध्य प्रदेश के धार जिले की महद झील से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-खंभात की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 585 किलोमीटर है|
  • इस नदी पर बजाज सागर बांध बनाया गया है|

लूनी नदी:

  • उद्गम स्थल-अजमेर जिले में स्थित नाग पहाड़ से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-कच्छ के रण में समाप्त हो जाती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 320 किलोमीटर है|
  • यह एक नमकीन नदी है, जो थार मरुस्थल में लुप्त हो जाती है|

सोम नदी:

  • उद्गम स्थल-उदयपुर जिले में बीछा मेंडा पर
  • संगम स्थल-बपेश्वर के पास माही नदी में मिलती है|
  • सहायक नदियां-जोखम , गोमती, और सारनी इस की सहायक नदियां हैं|

साबरमती नदी:

  • उद्गम स्थल-उदयपुर जिले में अरावली पर्वत पर स्थित जय समुद्र झील से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-खंभात की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 371 किलोमीटर है|
  • इसे बेडच नदी भी कहा जाता है|

कृष्णा नदी:

  • उद्गम स्थल-महाबलेश्वर के पास पश्चिमी घाट पहाड़ी से निकलती है|
  • समुद्र तल से ऊंचाई-इस की समुद्र तल से ऊंचाई 1337 मीटर है|
  • सहायक नदियां-तुंगभद्रा, मूसी , अमरावती, भीमा, कोयना , पंचगंगा, आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियां है|

गोदावरी नदी: 

  • उद्गम स्थल- महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक पहाड़ी से निकलती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 1465 किलोमीटर है|
  • इस नदी को वृद्ध गंगा भी कहा जाता है|
  • सहायक नदियां-प्रवरा ,पुरना ,मंजरा ,बेनगंगा आदि  इसकी  सहायक नदियां है|

कावेरी नदी:

  • उद्गम स्थल- कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित ब्रह्मगिरि पहाड़ी से निकलती है|
  • संगम स्थल-बंगल की खड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 800 किलोमीटर है |
  • समुद्र तल से ऊंचाई-समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1341 मीटर है|
  • इसे दक्षिण भारत की गंगा के नाम से भी जाना जाता है|
  • शिवसमुद्रम जलप्रपात श्रीरंगपट्टनम की उपस्थिति इसका महत्व बढ़ा देते हैं|

तुंगभद्रा नदी: 

  • उद्गम स्थल-कर्नाटक के पश्चिमी घाट पहाड़ की गंगामूल चोटी से तुंगा और पास में ही काडूर से भद्रा नदी का उद्गम होता है|
  • संगम स्थल-कृष्णा नदी में मिलती है|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 331 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-कुमुदवती ,वर्धा , हिंद आदि इसकी  प्रमुख सहायक नदियां हैं|

पेन्नार नदी :

  • उद्गम स्थल-कर्नाटक की नंदीदुर्ग पहाड़ी से निकलती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 597 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-पापाधनी और चित्रावती इसकी सहायक नदियां है|

दक्षिणी टोंस नदी:

  • उद्गम स्थल-कैमूर पहाड़ियों में स्थित तमसा कुंड जलाशय से निकलती है|
  • संगम स्थल-सिरसा के पास गंगा नदी में मिलती|
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 265 किलोमीटर है|
  • इस पर बिहार जलप्रपात स्थित है|

पेरियार नदी:

  • उद्गम स्थल-पेरियार झील
  • यह नदी केरल में प्रवाहित होती है|

हुगली नदी:

  • उद्गम स्थल-यह गंगा की एक शाखा है, जो पश्चिम बंगाल के धूलिया की दक्षिण गंगा से अलग होती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खड़ी
  • सहायक नदी- जलांगी इसकी प्रमुख सहायक नदी है|

उमियम नदी:

  • उद्गम स्थल-मेघालय की उमियम झील से उत्पन्न होती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी

वैगाई नदी:

  • उद्गम स्थल-तमिलनाडु के पास मदुरई से निकलती है|
  • संगम स्थल-बंगाल की खाड़ी
  • नदी की लंबाई-इसकी कुल लंबाई 228 किलोमीटर है|
  • सहायक नदियां-कुमम ,वर्षानाड ,तेवियार ,मंगलार आदि इसकी सहायक नदियां है|

इसे भी पढ़ें : Important Dams in India: भारत के प्रमुख बांधों पर व्याख्या सहित प्रश्नोत्तरी

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top